नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी

नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी
राज्य सरकार की नई नीति के तहत हर 25 किलोमीटर पर EV चार्जिंग स्टेशन और प्रमुख ढाबों-बाजारों में बैटरी स्वैपिंग की सुविधा देने की योजना पर लोग काफी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
वर्तमान वैश्विक राजनैतिक तनाव और ऊर्जा संकट के मद्देनजर सरकार का फोकस इलेक्ट्रिक व्हीकल पर है। वैश्विक ऊर्जा संकट के हालातों से छुटकारा पाने का इलेक्ट्रिक व्हीकल स्थायी समाधान साबित हो सकता है।

पेट्रोल डीजल के बढ़ते दाम
उपभोक्ताओं पेट्रोल डीजल के बढ़ते दामों से काफी चिन्ता में है। पेट्रोल डीजल के बढ़ते दामों की बड़ी वजह अमेरिका इजरायल ईरान युद्ध के कारण अंतर्राष्ट्रीय सप्लाई चेन बाधित होना है। हॉर्मूज स्ट्रेट पर ईरान का कंट्रोल होने की वजह से आवाजाही अवरुद्ध हो गई है और क्रूड ऑयल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल से से भी पार हो रहे हैं। क्रूड ऑयल के दामों में बेतहाशा वृद्धि होने से भारत सहित विश्व के कई देशों में पेट्रोल डीजल और रसोई गैस की समस्या जैसी चुनौती निर्मित हो गई है।

EV की तरफ लोगों का रुझान

वैश्विक ऊर्जा संकट के मद्देनजर लोग इलेक्ट्रिक व्हीकल की ओर शिफ्ट हो रहे हैं। इसका मुख्य कारण पेट्रोल डीजल के बढ़ते दाम और इलेक्ट्रिक व्हीकल पर Low मेंटेनेंस लागत है। पेट्रोल डीजल से चलने वाली गाड़ियों की अपेक्षा इलेक्ट्रिक व्हीकल पर मेंटेनेंस में कम खर्च करना पड़ता है और पेट्रोल डीजल वाली गाड़ियों की अपेक्षा कम खर्च होता है। 

EV उपभोक्ताओं के लिए चुनौती 
भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की रेंज 70 से 500 km तक उपलब्ध हैं। इसलिए चार्जिंग स्टेशन की उपलब्धता की आवश्यकता उपभोक्ताओं को है ताकि पेट्रोल डीजल संकट के बीच लोग ज्यादा से ज्यादा इलेक्ट्रिक व्हीकल EV का उपयोग कर सके। छत्तीसगढ़ सरकार ने नई इलेक्टिक व्हीकल पॉलिसी 2026 के अंतर्गत फैसले लिए हैं जिनके तहत प्रत्येक 25 किलोमीटर पर EV चार्जिंग स्टेशन खोले जाएंगे, जो कि वैश्विक ऊर्जा संकट के मद्देनजर बड़ी समस्या का समाधान हो सकता है।

ऊर्जा संकट का दौर
यह दौर ऊर्जा संकट का दौर साबित हो सकता है। यदि ग्लोबल पॉलिटिकल तनाव कम नहीं होता है तो इससे बड़ी जनसंख्या को खाद्य पदार्थ की समस्या उत्पन्न हो सकती है, हालांकि भारत में इसकी समस्या नहीं के बराबर है क्योंकि भारत सरकार के पास खाद्य सामग्री का पर्याप्त स्टॉक होने का दावा कर रही है। वहीं भारत कृषि प्रधान देश भी है और यदि मानसून और वर्षा सही हो तो भारत के खाद्य पदार्थों की समस्या नहीं होगा।

इन्वेस्टर के लिए बड़ा मौका

EV की नई पॉलिसी बढ़ती हुई इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की डिमांड को देखते हुए नए इन्वेस्टर को यह फायदे का सौदा हो सकता है। क्योंकि ऊर्जा संकट के इस दौर में लोग बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक व्हीकल की ओर शिफ्ट हो रहे हैं। हर 25 किलोमीटर में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करना इनवेस्टर के लिए फायदे का सौदा हो सकता है। वहीं इलेक्ट्रिक व्हीकल उपभोक्ताओं को चार्जिंग स्टेशन पर चार्जिंग फैसिलिटी जैसी बड़ी सुविधाएं उपलब्ध होने से पेट्रोल डीजल चलित वाहनों के उपयोग में कमी देखने को मिल सकता है।


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