RBI का रेपो रेट पर बड़ा फैसला
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल ही में अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा है।
रेपो रेट में स्थिरता से उपभोक्ताओं को होम लोन या कार लोन की EMI में कोई बड़ा बदलाव नहीं होंगे। आरबीआई गवर्नर ने साफ किया है कि आरबीआई की गोल्ड वैल्यू जरूर कम हुई है, लेकिन भारत ने अपना कोई सोना बेचा नहीं है।
मार्केट एक्सपर्ट के अनुसार चांदी एवं सोने की कीमतों में गिरावट का असर अंतर्राष्ट्रीय बाजार में जरूर देखने को मिलेंगे। गौरतलब है कि सोना स्थायी मुद्रा है और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोने की डिमांड हमेशा से बनी रहती है।
जानकारों के मुताबिक सोने से आयात निर्यात करने पर डॉलर पर निर्भरता न के बराबर होती है। कोई भी देश इंपोर्ट एक्सपोर्ट करता है तो उन्हें अपने देश की करेंसी को डॉलर के साथ एक्सचेंज करना होता है, इसके लिए अमेरिका एक्सचेंज टैरिफ लगता है। युद्ध जैसे हालत में अमेरिका इसी टैरिफ की धमकी देता है। किसी भी देश पर दबाव डालने के लिए अमेरिका किसी भी देश के फंड को सीज करता है। इसलिए अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोना ही स्थायी करेंसी है जिससे लेन देन करने पर डॉलर पर निर्भरता कम रहती है।
इनवेस्टर को गोल्ड में इन्वेस्टमेंट अक्सर फायदे का सौदा रहता है।
Disclaimer- किसी भी प्रकार के निवेश में वित्तीय जोखिम शामिल होते हैं इसलिए अपनी समझदारी से से निवेश करें। अपने निजी फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें।
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